Monday, July 4, 2011

काटोंकी राहोंमे !!!!

काटोंकी  राहोंमे  खो  गया  कुछ  इस  कदर ..
अह्सांस की दुनिया में भटकू दर बदर..
अभी भी इंतज़ार है कुछ बिखरे ख्वाबोंका..
अभी भी इंतज़ार है उन सुनहरे खयालोंका 
की कब वो खयालोंकी दुनिया से हकीकत में बदले
और कब राहोंके काटे  फूल बनके
हवाओंमे अपने खुशबु   से हसीं सी तमन्नाये जगाये 
तमन्नाओंके अंजुमन में कुछ तराने भी सिमटते जाये 
और उन्ही के फ़साने जिंदगी के पन्नोमे लिखे जाये 
लिखा हुआ हर तराना और फ़साना  अब बस 
हर किसी की ज़िन्दगी में हसी और ख़ुशी की लहरे लाये
काटोंसे युहीं किसीका दामन ना कभी अब फटेगा 
राहोंसे अँधियारा जल्दीही हटेगा 
वक़्त की इस कशमकश से हो हर कोई अब वाकिब 
और देखके हसी ज़मिनको खुद अर्ज़ करे ग़ालिब 
उसे भी उन चमन और बहरोंसे प्यार हो जायेगा 
और काटों भरी राहोंसे हर राही रास्ता बनाएगा 
 ऐसे ख्वाबोंको तो रोज़ ही देखता हूँ मैं 
पर काश की कुछ करिश्मा हो जाता 
और हर ख्वाब मेरा हकीकत में बदल जाता 
इस हसीं ज़िन्दगी में कभी भी किसीको गम नहीं होता 
पर यही तो फर्क है हकीकत और ख्वाबोंमे 
हर कुछ हासिल होता है खयालोंमे 
हकीकत तो कुछ और ही होती है 
और उन्ही ख्वाबोंके पीछे ये ज़िन्दगी रोती है 
अब तो ज़िन्दगी को  भी फुलोंसे ज्यादा 
कान्टोसे  प्यार है 
क्यूंकि हर रास्ते का काटा खोलता सपनोंका द्वार है 






8 comments:

Sneha said...

sahi hai boss... tujhi Hindi Ani Urduchi shabdasampada mast vadhaliye... :) good 1

RAVSAHEB said...

he heh.... thanku thanku...

Sujit said...

Hey hi mast ahe re kavita!!! Keep it up!!!

preet said...

yaar...u r ingenious dude...itni jaldi poori kavita likh daali...keep up the gud work buddy :))

Unknown said...

Well i guess nice!! you know i don't understand it.. vachalya var avadli...

ANGEL said...

really nice...

ANGEL said...

thik thak ahe

ANGEL said...

thik thak ahe