Friday, June 10, 2011

खामोशी से .. !!!!!

खामोशी  से  दिल  ने  सबकुच  सहा ...
खामोश  रहे  और  कुच  न  कहा ...
खामोश निगाहे, खामोश राहे, और खामोश थे हम ....
इस खामोशी मी काही निकल न जाये दम... 
खोमोशी से देखे थे सपने कई ..
राहे थी जुदा लेकीन मंजिल थी वही ...
खामोश लबोपे खामोश तराने थे 
खामोश लाम्होन्मे भी खामोश फसाने थे...
तू खामोशिसेही खामोशी को सून 
तू खामोश बनके खामोशी हि चून 
खामोश लब्जोन्से हि खामोश है धून 
खामोश जहान खामोश हम और खामोश तुम ... 
दिलने भी तुमको पुकारा है खामोशी से 
दे दे आवाज तुभी आज खामोशी से.. 
आन्खोन्की हो बोली और  धडकन कि जुबान 
चाहे आन्खोन्को हि कह दो  आज तीर कमान 
बस दिल को लागलो थोडी सी लगाम 
और खामोशी से हि करू मै  तेरे दिल को सलाम .. 
खामोश दिल खामोश धडकन और खामोश है ये पल..
और खामोशी से हि तू आज जमाने से जल 
खामोश लम्होमे करले तू जिंदगी को उजागर...
खामोशी सेही बनजा तू सपनोंका सौदागर...
खामोशी से .. !!!!!  




Wednesday, June 8, 2011

अवखळ खट्याळ !!

अवखळ  खट्याळ   डोळे  आणि  सुंदरसं  हास्य ..
मनमोहक  अदा  आणि  स्वभाव  जणू  रहस्य ..
हसताना  बारीक  केलेले  डोळे  आणि  हळूच  मागे  झालेले  नाक 
डोळ्यातली  ती  चमक  आणि  मन  लुटणारी  तिची  ती  हाक 
तिची  ती  सदा  न   कदाची  बडबड .. सुद्धा  छान  वाटते 
तिचे  ते  न  कळणारे  संवाद  सुद्धा  मन  भारावून  टाकतात 
तिचा  रुसवा  फुगवा  सगळ  काही  छान  वाटत
तिच्या  त्रासलेल्या  आवाजात  माझ्या  वर  चिडणं  सुद्धा  मोहवून  टाकत 
तिचे  ते  कधी  कधी  विस्कटलेले   केस ..
आणि  वाऱ्याने  इकडे  तिकडे  अलगद  उडणाऱ्या  त्या  लता 
उगाचच  मसून  बनून  केलेल्या  त्या  निरागस  अदा
कधी  कधी  उग्गाचाच  सिरिअस होणं  ..
पण  हसताना  मात्र  खळ  खळून  हसणं 
छोट्या  छोट्या  गोष्टीत  सुद्धा  आनंद  घेणं 
आणि  मोठ्या  गोष्टीना  सुद्धा  असच   उडवणं 
आयुष्य  खरच  किती  मस्त  मस्त
तुझं  मात्र  नेहमीच  व्यस्त ...
तरी  सुद्धा  त्यातून  काढतेस  नेहमी  वेळ 
आयुष्याचे  गीत  किती  हे  सुरेल 
आणि  तुझ्यामध्ये  कोणाचाही  मन  सहजच  रमेल !!! :)