मौसम के इशारोंको समझो जरा
सबकुछ हसीं और हरा भरा ..
बारिश की बुँदे यूँ गिरे बदनपर
चाय की आए याद और चस्का जबानपर ..
रिम झिम रिम झिम की लगी है धुन
और इस मौसम के दिलके तरानोको सुन ..
सडकोंपे घूम रहा है पानी ..
पकोड़ोंकी याद तो है ही आनी...
सबकुछ हसीं और हरा भरा ..
बारिश की बुँदे यूँ गिरे बदनपर
चाय की आए याद और चस्का जबानपर ..
रिम झिम रिम झिम की लगी है धुन
और इस मौसम के दिलके तरानोको सुन ..
सडकोंपे घूम रहा है पानी ..
पकोड़ोंकी याद तो है ही आनी...
सन सन हवाओंकी अलग है कहानी
याद आये पल भर में बचपन से जवानी
सर सर पत्ते है उड़ाते जाते
बारिश के मौसम में सब भीग जाते
गीली हो जमीं और गिला हो चमन
और है भीग जाते सबके बदन
भीगी लडकियोंको देखके बजायी हुई सीटियाँ
और फुलोंपे मदराते भवरे और तितलिया
सब कुछ है कितना हसीं और सुहाना
बारिश के मौसम का आशिक तो पूरा जमाना
मौसम के इशारोंको समझो जरा
और बारिश के बुन्दोंमे आओ भिगलो जरा !!!!!